लखनऊ। कानपुर के प्रतिष्ठित शर्मा परिवार से ताल्लुक रखने वाले कैलाश नाथ शर्मा जल्द ही भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सदस्यता लेने वाले हैं। कैलाश, क्रांतिकारी राम किशोर शर्मा और BJP के संस्थापक सदस्य हरी किशोर शर्मा के भतीजे हैं—यानी विरासत में क्रांति भी है और संगठन भी।
“BJP ही एकमात्र पार्टी जहाँ ब्राह्मण समाज सुरक्षित”
BJP में शामिल होने के सवाल पर कैलाश नाथ शर्मा ने साफ कहा कि “BJP ही एकमात्र पार्टी है जहाँ ब्राह्मण समाज सुरक्षित है। पार्टी ने हमेशा समाज का ख्याल रखा है और सर्व समाज की बात करती है।”
उनका दावा है कि आगामी विधानसभा चुनाव में भी BJP भारी बहुमत से सरकार बनाएगी। बयान में आत्मविश्वास है—और संदेश भी।
पहले संगठन, फिर सदस्यता: ‘Groundwork First’
कैलाश ने बताया कि वे तुरंत सदस्यता नहीं लेंगे। पहले वे अपने समर्थकों के साथ प्रदेश के अलग-अलग जिलों में बैठकें करेंगे, जमीनी फीडबैक लेंगे—और उसके बाद औपचारिक रूप से BJP जॉइन करेंगे। राजनीति की भाषा में कहें तो—पहले नेटवर्क, फिर नेमप्लेट।
क्रांति की विरासत, संगठन की पहचान
कैलाश के अनुसार उनका परिवार आजादी से पहले से ही राष्ट्र सेवा में लगा रहा है। ताऊ राम किशोर शर्मा: महान क्रांतिकारी, नेताजी सुभाष चंद्र बोस के सहयोगी। चाचा हरी किशोर शर्मा: पहले जनसंघ, फिर BJP के संस्थापक सदस्य। यानी परिवार की DNA में—देश, संगठन और विचार तीनों शामिल हैं।
क्रांतिकारी जीन, संगठनात्मक सीन
आज की राजनीति में जहाँ कई चेहरे “ट्रेंड देखकर पार्टी” चुनते हैं, वहीं यहाँ कहानी है विरासत से वैचारिक वापसी की। क्रांति से लेकर संगठन तक—शर्मा परिवार की टाइमलाइन सीधी है, बस प्लेटफॉर्म अपडेट हुआ है।
अब निगाहें इस पर होंगी कि बैठकों के बाद सदस्यता की तारीख क्या बनती है—और राजनीतिक असर कितना गहरा।
